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Sunday, May 3, 2020

आत्मसम्मान ।

किसी भी व्यक्ति के लिए आत्मसम्मान जिंदगी का एक अहम हिस्सा होता है। जिस व्यक्ति मे आत्मसम्मान जिंदा हो, वह जिंदगी मे बेवजह किसी के आगे झुकता नही। ना ही वह किसी गलत रास्ते पर चलता है। अगर कोई व्यक्ति आत्मसम्मान नही रखता तो उसे जिंदगी मे आगे चलकर जरूर पछतावा होता है। यह कहानी भी एक व्यक्ति के आत्मसम्मान को दर्शाती है। आत्मसम्मान व्यक्ति के अन्दर कैसे सहजता और मेहनत करने का बल भर देता है, इस कहानी मे दर्शाया गया है।

                 

  बात उन दिनो की है जब मैं एक परीक्षा देने के लिए पटियाला गया हुआ था। मैंने बहुत सारी ऐसी परीक्षा दी थी, लेकिन मुझे कही भी नौकरी नही मिल रही थी। उस दिन मैं पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने के लिए गया था। मेरी परीक्षा ठीक से हो गई थी। मेरे जैसे सैकंडो बेरोजगार यह परीक्षा देने आए थे। सब एक आशा लेकर आए हुए थे। परीक्षा के बाद सब एक दूसरे से परीक्षा के बारे मे ही बात करने लग गए। सब की स्थिति एक जैसी थी जिसके कारण घूलने मिलने मे टाईम नही लगा।

परीक्षा केन्द्र से बाहर निकलते ही मुझे भी एक परीक्षार्थी मिल गया। मैंने उस से उसकी परीक्षा के बारे मे पूछा। उस ने भी मुझे मेरी परीक्षा के बारे मे पूछा। जब मैंने उस से पूछा के कहा जाना है उसने? तो उसने बताया कि वह जालन्धर जाएगा। मैंने भी हंसकर उस से कहा कि मैं भी जालन्धर की तरफ ही जा रहा हू। तो हम दोनो बस स्टैंड की तरफ साथ मे ही चल दिए। बस स्टैंड पर जाकर हमने सबसे पहले दोपहर का खाना खाया।

 खाना खाने के बाद हमने टिकट काउंटर से टिकट लिया और बस मे बैठ गया। हम दोनो बाते करने लगे। मैंने उसे बताया कि मै दो साल से लगातार कई परीक्षाएं थे चुका हू। पर मेरी कही भी नौकरी नही लगी। उस ने मुझसे पूछाकि कोई और काम भी करते हो। मैंने हंस कर जबाब दिया कि अभी तक तो और कोई काम नही किया। मैंने भी उसे से पूछा कि तुम कोई और काम करते हो तो उसने बताया कि वह पहले से ही एक सरकारी विभाग मे काम कर रहा है।

उसने बताया कि उसकी शादी हो चुकी है। उसके दो बच्चे भी है। वह जो नौकरी कर रहा है, इसमे आमदनी बहुत कम है। इसलिए वह कोई दूसरी नौकरी करना चाहता है। इस तरह हम सफर मे बाते करते रहे। बातो बातो मे मैने उस से कहा कि मैं जिंदगी से बहुत परेशान हो मुझे कोई भी नौकरी नही मिल रही। इस के बाद उसने मुझे जो अपनी आपबीती सुनाई मे उसे सुनकर हैरान रह गया।

उसने बताया कि वह बेरोजगारी से तंग आकर दूसरे देश मे गया था। लेकिन उसने वहा पर स्थाई तौर पर रहने के लिए एक लड़की से शादी कर ली थी। वह भारत से ही थी। लेकिन जब मुझे कानूनी तौर पर वहा रहने के कागजात मिलने थे तो उस लड़की ने मुझे से यह कहना शुरू कर दिया कि वह उसकी वजह से पक्का होने जा रहा है। इस बात से मेरे आत्मसम्मान को बहुत धक्का लगा। मै दूसरे दिन ही भारत वापस आ गया ।

 घर आकर पहले तो मै बहुत निराश हुआ लेकिन मैंने मन ही मन मे सोच लिया था कि मै मेहनत कर के यही पर नौकरी करूंगा। मैंने दो साल तक लगातार मेहनत की और मुझे सरकारी नौकरी मिल गई। उसने मुझसे कहा कि जीवन मे किसी भी कठिन परिस्थिति मे घबराना नही चाहिए इसका डट कर मुकाबला करना चाहिए। कभी भी अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता कर ना नही चाहिए। इस तरह मुझे इस सफर मे बहुत कुछ सीखने को मिला ।

Tuesday, July 23, 2019

टूटते हुए रिश्तो को कैसे बचाए ? How to save a broken relationship? (In Hindi)

टूटते हुए रिश्तो को कैसे बचाए 
How to save a broken relationship?

आज 21 वी सदी मे जैसे जैसे आदमी ने तरक्की ( development) की है साथ मे अपने धैर्य भी खोता चला गया है। किसी भी रिशते relataionships मे धैर्य Patience का होना बहुत जरूरी है। एक रिश्ते मे भरोसा trust  बनने के लिए बहुत समय लगता है। पर कुछ गलतफहमी के कारण हम रिशतो मे कड़वाहट लाने मे समय नही लगाते। अगर इन गलतफहमीयो misunderstanding को समय से दूर  ना किया जाए तो रिश्तो  relationships मे दूरिया बढ़ती चली जाती है और रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते है। रिश्तो को टूटने से बचाने के लिए इन मे आई दूरियो के कारणो का पता होना बहुत जरूरी है।



        एक दूसरे को समय ना दे पाना। Can not give time to each other

अगर कोई भी जोड़ी couple एक दूसरे को समय नही दे पाती तो उनके रिश्तो मे दूरिया आना स्वाभाविक है। आज के इस समय मे सब अपने अपने कामो मे व्यस्त रहते है और उनके अंदर ज्यादा तनाव बढ़ जाता है। जिसके कारण वह घर आकर इस तनाव से मुक्ति के लिए या तो टीवी या फिर मोबाइल फोन मे गेम खेलकर अपना तनाव दूर करते है। ऐसे मे वह अपने पार्टनर को समय नही दे पाते। रिश्ते relationships मे नजदीकिया बनाए रखने के लिए एक दूसरे के साथ वक्त गुजारना बहुत जरूरी है।

एक दूसरे को समझना और एक दूसरे की बातो की इज्जत करना ।
Understanding each other and respecting each other's words.

रिश्ते को अच्छे से चलाए रखने के लिए एक और महत्वपूर्ण तथ्य है एक दूसरे के साथ समझ। एक दूसरे के हालातो conditions को समझना और उसके मुताबिक ही चलना चाहिए । ऐसे मे एक दूसरे के प्रति समर्पण दिखाना बहुत जरूरी हो जाता है । कई बार हम दूसरे की कही बातो को नही मानते ऐसा एक बार नही बार बार करते है तो दूसरे के अन्दर हीन भावना पैदा हो जाती है। ऐसी आदत होने के कारण जब चार बन्दे साथ मे हो तो तब भी हम अपनी बात मनवा कर रहते है चाहे वह गलत हो या सही । तो दूसरे मे बेइज्जती insult का स्वभाव आना स्वाभाविक है । इसलिए चाहिए कि एक दूसरे की कही बातो को सम्मान दें।

        किसी एक मे बुरी आदतो का होना। Someone has bad habits.

दोनो मे से किसी एक मे बुरी आदतो का होना रिश्ते के बिगाड़ के रख देता है। यह बुरी आदते ज्यादातर नशा alcholic करना , जुआ खेलना आदि होता है। इस से घर तो बर्बाद destroy होते ही है साथ मे रिशतो का तबाह होना तो तय होता है। घर मे रोज रोज शराब पीकर आना या ओर किसी तरह नशा करके आना लड़ाई का कारण बनता है । लड़ाई कभी कभी हद से बाहर हो जाती है और हाथापाई पर उतर आते है जिस के कारण किसी को गम्भीर चोट भी आ सकती है। ऐसी लड़ाई का बच्चो के ऊपर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। इसलिए घर परिवार एवं रिशतो relationships मे शांति बनाए रखने के लिए  बुरी आदत को छोड़ देना चाहिए ।

कामचोरी की आदत।
Moody habit

अगर जीवन साथी life partner मे से किसी एक मे भी कामचोरी की आदत हो तो यह भी एक कारण बन जाता है रिशतो मे खटास आने का। घर पर हम जब छोटे छोटे कामो से जी चुराते फिरते है और हर छोटे से काम के लिए अपने पार्टनर की और देखते है तो ज्यादा काम करने वाले के अन्दर चिड़चिड़ापन आ जाता है। एक दूसरे का सहयोग ना करना दूरिया तो बढाता ही है साथ मे जो तीसरा व्यक्ति आप को देख रहा हो तो वह भी समझ जाता है कि इन दोनो मे प्यार की कमी है। इसलिए घर पर अपने पार्टनर का छोटे छोटे कामो मे सहयोग दे, ऐसा करने से आपके बीच प्यार तो बढेगा ही साथ मे आप घर रह रहे और लोगो के लिए एक अच्छी मिसाल भी बन सकते है।

खराब आर्थिक स्थिति के कारण ।
Due to poor financial condition 

रिश्ते टूटने और बनने का एक महत्वपूर्ण तथ्य आर्थिक स्थिति भी है। यह देखने सुनने मे इतना महत्वपूर्ण नही लगता क्योंकि किस्से  कहानियो मे गरीबी मे भी अच्छे सम्बन्ध दिखाए जाते है। लेकिन जीवन की असलियत इसके बिल्कुल विपरीत होती है । प्यार के इलावा भी घर की दम्पति के ऊपर घर की सब जिम्मेदारी होती है जिन्हे वह सिर्फ पैसे से पूरा कर सकते है । इसका अभिप्राय यह नही कि आप अपने मन मे पैसो के प्रति लालच जगा ले। ज्यादा लालच करेंगे तो भी कही ना कही सम्बन्ध खराब होने का डर रहता है । इस कोशिश करे कि अपने घर की आर्थिक स्थिति मजबूत रखे। अगर आप के ऊपर बूरे दिन आ भी जाए तो साथ मिलकर उन बूरे दिनो का सामना करें।

भावनाओ का ना समझ पाना ।
Do not understand the feelings.

रिश्ते को बचाए रखने के लिए जैसे ऊपर दिए गए तथ्य जरूरी है वैसे ही एक-दूसरे की भावनाओ को समझना भी बहुत जरूरी है। शादी, प्रेम सम्बन्ध एक ऐसी गाड़ी की तरह होते है जिसमे भावनाओ का ईंधन जलता है। आपका पार्टनर आपसे किस समय क्या चाहता है इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है । यह दो पहिये की गाड़ी भावनाओ पर ही चलती है । शादी के रिश्ते मे आपके पार्टनर की भावनाए बढ़ी संवेदनशील हो सकती है। किसी भी खास मौके पर आप अपने पार्टनर को उपहार आदि दे। उसके साथ समय बिताए। ऐसे लमहो कॅ खास बनाने से रिशतो मे और भी मजबूती आती है।

गलतफहमियो के कारण। Due to misconceptions

अक्सर देखा गया है कुछ ऐसे रिश्ते भी होते है जो केवल गलतफहमियो के कारण खराब हो जाते है या फिर टूट जाते है। ऐसी गलतफहमीया किसी तीसरे व्यक्ति के कारण पैदा होती है। जब पार्टनर मे से कोई एक आपको तरजीह ना देकर किसी तीसरे व्यक्ति को ज्यादा महत्व देने लगता है तब गलतफहमीया स्वाभाविक रूप से पैदा हो जाती है । उदाहरण के तौर पर अगर लड़की विवाद के बाद अपने पति से सलाह ना करके अपने मायके वालो से ज्यादा सलाह करे या फिर लडका सलाह करते समय अपने पत्नी को शामिल ना करे तो मन के अन्दर यह आता है कि इसके जीवन मे मेरे लिए कोई महत्व नही है। अगर इनके अलावा आप अगर किसी तीसरे व्यक्ति से साधारण बात भी कर रहे है तो अपने पार्टनर को जरूर बताए इससे आपस मे विश्वास बना रहता है।

बिना वजह शक करना।

शक ऐसे बिमारी है जिसका कोई इलाज नही होता। अगर यह शक किसी शादीशुदा दम्पति के बीच पैदा हो जाए तो रिशता दिन ब दिन कमजोर होता चला जाता है। यह शक तब पैदा होता है जब हम जरूरत से ज्यादा अपने साथी की परवाह करने लग जाते है। अपने साथी को बाहर अकेले नही जाने देते। किसी और से साधारण तरीके से बात भी नही करने देते। हम बात बात पर अपने साथी के ऊपर नजर रखना शुरु कर देते है। ऐसे मे हमे करना यह चाहिए कि बैठ कर अपने साथी के साथ खुलकर उस विषय के ऊपर बात करे जिस पर आपको शक हो रहा हो। बात करने से आपका मन तो हल्का होगा ही और आपके सारे शक भी दूर हो जाएगे।

गलती को स्वीकार ना करना। 

Do not accept the mistake.

झगड़े की ओर वजह होती है गलती को स्वीकार ना करना जब हम छोटी छोटी बातो पर लड़ने झगड़ने लग जाते है तो कई बार यह झगड़े बहुत आगे तक बढ़ जाते है। अगर किसी एक से कोई गलती हो भी जाए तो थोड़ी सी हिम्मत और धैर्य दिखाए, अपने साथी से माफी मांगने मे संकोच ना करे। वैसे भी अगर एक छोटी सी माफी से झगड़ा सुलझ जाए तॅ इससे बढ़िया क्या हो सकता है। गलती को स्वीकार करना और बीती बातो को भूल जाना ही ठीक रहता है।

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Sunday, July 21, 2019

Berozgaro ki mehfil | बेरोजगारों की महफिल । hindi kahani



चार दोस्त हैं माया, छोटू, करण और जिंदर। चारो बेरोजगार,  लेकिन टहलने और खाने पीने के पके शौकीन । जेब खाली है, लेकिन दिल और दिमाग शौकीनी से भरे हैं। स्वभाव मे अमीर घरानो वाले दिखावे। अक्सर, सभी चारों एक-दूसरे को देखते रहते कि कौन खिलाएगा। एक दिन, माया ने सभी को  रेस्तरां में ले जाने की सलाह दी। रेस्तरां काफी महंगा था। इस बारे में सभी को पता था, लेकिन ठाठ  दिखाने के लिए  सभी ने हां कर दी।

चारो रेस्तरां चले गए। माया, जो केवल नाम ही माया थी। उसने वेटर को चार पीजे  लाने का आदेश दिया, वेटर ने कहा कि उनके पास केवल दो पीज़े बचे हैं। चारों ने नाक चढ़ाना शुरू कर दिया लेकिन,  माया खुश थी कि दो पीजो के पैसे देने पड़ेगे। जिंदर गुस्से मे आकर बोलता है कि इस से अच्छा तो हम घर पर ही पेट भर कर खाना खा लेते।  लेकिन जिंदर भी मन ही मन मे खुश था कि कम स कम आधा आधा तो खाने को मिलेगा ही। इतने मे पीजा आ जाता है और सभी आधा आधा खाने लग जाते है।

छोटू जिसका दिल एक रुपये के सिक्के से भी छोटा है। वह खाना शुरू करता है और सोचने लगता है कि उसके पास केवल 100 रुपये हैं, अगर माया ने उसे बिल का भुगतान करने के लिए कहा तो उसकी  बेइज्जती हो जाएगी। करन तो पूरे मजे मे पीजा खाने लगा हुआ था। सभी को पता है कि करन के पास ज्यादा से ज्यादा 30 40 रूपए होंगे।


पिज्जा खाने के बाद चारों एक-दूसरे का मुंह देखते हैं, फिर फिर बिल देने के लिए पैसो का अपना अपना हिस्सा देकर रेस्तरां से बाहर आ जाते है। चारो के चेहरों से बाहर आने के लिए बिल देने बैचेनी कम हो जाती है और सभी ने कहा कि आज खाने में बहुत मजा आया।


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Sunday, May 5, 2019

Tips to keep your health healthy in hindi | सेहत को ठीक रखने के टिप्स

आज का जो समय चल रहा है इस मे प्रदूषण बढ़ गया है। हवा मे प्रदूषण pollution  हो गया है। खाने की सब चीजों मे खतरनाक दवाईयां मिली होती है। ऐसे मे हम अपने शरीर body को कैसे स्वास्थ्य रखें? यह एक बड़ा सवाल है। आदमी जीवन भर पैसे कमाता है। लेकिन यह पैसा भी व्यर्थ है अगर हमारी सेहत इस पैसे का सही इस्तेमाल करने के लिए ठीक नही। अक्सर देखा गया है मध्यमवर्गीय middle class और गरीब परिवार मे अगर कोई सदस्य किसी गंभीर बिमारी हो जाती है तो सारी जमा पूंजी उसके इलाज मे खर्च हो जाती है। ऐसे मे हमे चाहिए कि हम अपनी सेहत के प्रति ध्यान रखें और ऐसी बिमारियो diseases  से बचें। इस आर्टिकल मे मैं आप से अपनी सेहत को ठीक रखने के टिप्स शेयर करोगा।



•  Be conscious of your food | अपने खाने के प्रति सचेत रहे।

एक अच्छी सेहत good health के लिए जो सबसे पहला आधार है वो आपका खाना ही है। अगर आप अच्छा और साफ सुथरा खाना खा good meal रहे हो तो आपकी सेहत भी ठीक रहेगी। ताजा खाना खाएं। यह पचता जलदी है और सभी पोषक तत्व आपके सभी अंगो तक पहुंच जाते है। बासी या खराब खाना पचता नही, नतीजे मे आपको पेट दर्द, गैस जैसी बिमारी लग जाती है। तब आपको  तरह तरह की दवाईयां medicines खाने के आदि हो जाती है। जिनके गैस बनती है उन्हे तो रोजाना चूर्ण और दवाईयां खाते देखा गया है। यह सब कई बार शरीर मे कोई और बिमारी को जन्म दे देते है।

• How and when to eat?  खाना कैसा और कब खाएं?

अच्छे खाने के साथ साथ खाने का समय भी बहुत महत्व रखता है। दिन मे तीन से चार बार खाएं लेकिन थोड़ा-थोड़ा खाए, जिससे आपकी भूख भी शांत रहेगी और आपको जरूरी ऊर्जा energy भी मिलती रहेगी। अधिक घी वाला या तला हुआ खाना ना खाएं। डाक्टरों की भी यही सलाह है कि अधिक घी oily वाला खाना दिल के लिए हानिकारक होता है। सुबह नाश्ता breakfast अच्छे से करे। नाश्ते मे फल, अंडे, हरी सब्जी का प्रयोग ज्यादा करें। दोपहर का खाना भी अच्छे से करें। रात को बहुत कम खाएं, क्योंकि रात मे अगर अधिक खाना खाओगे तो वह आसानी से पचता digest नही।

फास्ट फूड fast food का सेवन ना करे। आज कल तो वैसे भी देखा गया है कि बच्चे फास्ट फूड के बहु शौकीन होते है। जिसका बुरा नतीजा बच्चो को बाद मे भुगतना पड़ता है। बच्चो को दस्त, पेट दर्द, खांसी जैसी बिमारियां ज्यादातर फास्ट फूड से ही लगती है। खाने मे तो हमेशा घर पर बना हुआ खाना ही खाएं। हरी सब्जी, दालें, दलिया, चावल आदि आप प्रतिदिन बदल बदल कर खा सकते है। मिर्च और मसाले का भी ध्यान रखें। जो भी खाना बना रहे हो उस मे मिर्च मसाला बहुत कम रखे। इनके अलावा प्रतिदिन फल fruits भी खाएं। जिनसे तरह तरह के विटामिन और पोषक तत्व मिलते है।

•  Keep body clean | शरीर को साफ रखना

शारीरिक सफाई की बात करें तो सबसे पहले हमे अपने हाथो को साफ रखना चाहिए। जब कभी भी बाहर से आए तो अपने हाथ और चेहरे को साबुन soap से अच्छे से साफ करे। ऐसा करने से जो खतरनाक बैक्टीरिया बाहर से आपके हाथो पर लगे होते है वह मर जाते है। आज कल तो स्वाईन फ्लू जैसी भयानक बिमारिया भी फैली हुई है जो हवा मे सांस लेने या बिमार व्यक्ति से हाथ hand मिलाने तक से हो जाती है। ऐसे मे अपने हाथो को साफ रखना और भी जरूरी हो जाता है । इसके अलावा प्रतिदिन daily अच्छे से नहाना चाहिए, अपने सभी अंगो को अच्छे से साफ रखें। मौसम के अनुसार गर्म और ठंडे पानी से नहाए।

•  Taking care of body weight | शारीरिक भार का ध्यान रखना

शारीरिक भार बहुत अधिक नही होना चाहिए, अच्छे स्वास्थ्य मे शारीरिक भार एक अहम रोल अदा करता है। अगर शारीर का भार अधिक होगा तो यह बिमारियो को आमंत्रित करता है। ज्यादा भार होने से आपके जोड़ो मे दर्द हो सकता है। इसके अलावा दिल की बिमारी, सांस फूलना आदि  जैसी बिमारियां हो सकती है। अधिक भार से आपका शारीरिक ढांचा तो खराब होता ही है दूसरो को दिखने मे भी अच्छा नही लगता। मोटापे fat से कई भार इंसान डिप्रेशन मे चला जाता है। डिप्रेशन मे आकर इंसान और अधिक खाने लग जाता है। मोटापे को दूर करने का एक ही सही तरीका है । कम खाना और नियमित व्यायाम करना यही इसका सही ईलाज है ।



• Regular exercise and walk |  नियमित व्यायाम और सैर करना।

नियमित व्यायाम और सैर करना भी बहुत ज्यादा जरूरी है। खासकर उन लोगो के लिए जो दिन भर एक ही जगह पर बैठे काम करते रहते है। ऐसे मे उनके शरीर मे खून का संचालन सारे अंगो तक सही से नही हो पाता। ऐसे लोगो को कमर दर्द, पैरो मे सूजन और आंखो मे जलन रहती है। अगर वह दिन मे कम से कम 2000 कदम चलेंगे तो उनके खून का संचालन सही से हो पाएगा। तेज सैर करने या दौड लगाने से दिल की धड़कन तेज चलने लगती है और खून का प्रवाह तेज हो जाता है।

अक्सर हम देखते है कि कई लोगो को दौरा पड जाता है। जिस से उनके शामिल का आधा हिस्सा या फिर कोई अंग काम करना बंद कर देता है। यह तभी होता है जब उस अंग तक खून नही पहुंचता। ऐसे मे डाक्टर उस व्यक्ति को कई तरह के व्यायाम करने की सलाह देता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को भी दिन मे कम से कम 15 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए।

ज्यादातर लोग आलस की वजह से या उन्हे किसी खुली जगह मे सबके सामने व्यायाम करने मे शर्म आती है, इसलिए वह ये सब नही कर पाते। अगर अपने आप को ठीक और स्वास्थ्य रखना है तो शर्म छोड़कर सैर और व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम के लिए किसी खुली जगह पर जाएं जिससे आपको ताजी हवा भी मिलती रहे।

•    Keep cleaning inside and outside the house | घर के अंदर एवं बाहर सफाई रखना।

घर के अंदर बाथरूम, रसोई, परदे, दीवारो के कोने अच्छे से साफ रखे। फर्श को फ्लोर क्लीनर से साफ रखें। घर के अंदर अधिक दिनों तक कूड़ा जमा कर के ना रखें। घर के छिपे हुए कोनो को अच्छी तरह से साफ रखे क्योंकि यह वह जगह होती है यहा पर मच्छर और कीट पैदा होते है। रसोई घर मे बासी खाना ना रखें। इस से बदबू तो पैदा होती ही है साथ रखा खाना खराब होने का डर रहता है। घर के फर्श को अच्छी तरह से साफ रखें। क्योंकि जिनके घर मे छोटे बच्चे होते है वह नीचे बैठकर खेलते है। ऐसे मे बच्चे फर्श पर  गिरी हुई खाने की चीजें उठाकर खा लेते है ।

•   Regular medical check up |  नियमित डाक्टरी जांच करवाना

स्वास्थ्य ठीक रखने का एक और टिप्स नियमित डाक्टरी जांच करवाना है। एक उम्र के बाद हर इंसान को अपनी नियमित डाक्टरी जांच करवानी चाहिए। अगर आपको कोई बिमारी होगी तो वह समय रहते पकड़ी जाएगी और समय रहते उसका इलाज संभव हो सकेगा। कई बार ऐसा होता है हमें बिमारी का पता नही चलता और इलाज शुरू करने मे बहुत देरी हो जाती है ऐसे मे मरीज के जान जाने का खतरा अधिक हो जाता है। अगर डाक्टरी जांच के दौरान आपकी कोई बिमारी पकड़ी जाए, तो डाक्टर की सलाह से जल्द से जल्द दवाई शुरू कर दें।


•   Be anxious and practice yoga |  चिंता मुक्त रहे और योग अभ्यास करे

शारीर मे बिमारी बढ़ने का एक मुख्य कारण चिंता भी है। अगर कोई व्यक्ति किसी काम, मनुष्य को लेकर चिंतित है, तो वह निश्चय ही किसी ना किसी बिमारी का शिकार हो जाता है। चिंतित व्यक्ति कभी भी सही निर्णय नही ले पाता। एक कहावत भी बहुत मशहूर है कि चिंता चिता सामान होती है। चिंता से मुक्त रहिए। बेवजह किसी बात की चिंता मत कीजिए। चिंता से मुक्त रहने के लिए योगासन करे। यह आपका मानसिक संतुलन बनाए रखने मे सहायता करता है। लगातार 15 20 मिनट तक ध्यान लगाने से मानसिक शांति मिलती है।



Drink clean or more water | साफ और अधिक पानी पिए

सेहत को ठीक रखने के लिए साफ पानी भी उतना ही महत्व रखता है जितना साफ भोजन होता है। अगर साफ पानी नही पिएंगे तो इस से पेट से सम्बंधित बिमारियां होने का खतरा बना रहता है। पानी को पीने से पहले अच्छी तरह उबाल लें और पानी को कुछ देर तक ठंडा होने दें। पानी को अच्छी तरह उबालने से इस मे मौजूद बैक्टीरिया समाप्त हो जाते है। पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए। अधिक पानी पीने से पसीना ज्यादा आता है जिससे शरीर के अंदर के हानिकारक बैक्टीरिया पसीने के साथ बाहर आ जाते है।


यह है सेहत को ठीक रखने के कुछ मुख्य उपाय। जिन्हे अपना कर आप एक स्वास्थ्य और लम्बा जीवन जी सकते है ।


Friday, May 3, 2019

How to motivate your children to study? अपने बच्चो को पढ़ाई के लिए कैसे प्रेरित करे?

बच्चो children को उनके अच्छे भविष्य के लिए पढ़ाई करना बहुत जरूरी होता है। सारे मां-बाप चाहते है कि उनके बच्चे पढ़ लिख कर अपना उज्ज्वल भविष्य future बनाए और अच्छी नौकरी job पर लग जाए। जब बच्चा बोलने लग जाता है तब से ही उसकी पढ़ाई का ख्याल मन मे आने लग जाता है। मां-बाप बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा education देने के लिए उसे बढि़या स्कूल मे दाखिल करवाते है।

   अच्छे स्कूल मे तो हर कोई बच्चे को दाखिला admission दिलवा देता है। ठीक से पढ़ना या ना पढ़ना यह बच्चो पर निर्भर करता है। सभी बच्चे पढ़ने मे होशियार intellogent नही होते। ऐसे मे मां-बाप की चिंता और बढ़ जाती है। बच्चो का पढ़ाई मे मन नही लगता। आज कल तो वैसे भी टीवी, फोन के चलते बच्चो का ध्यान भटकता रहता है। इसके अलावा और भी कारण हो सकते है। इस आर्टिकल मे हम इन्ही कारणो और बच्चो को पढ़ाई study के लिए कैसे प्रेरित किया जाए, इस बारे मे चर्चा करेंगे।

जब बच्चा छोटा होता है तो हमे तब से ही उसे पढ़ाई की तरफ आकर्षित attract करना चाहिए। इसके लिए हमे बच्चो के कमरे मे बोर्ड,  पेंसिल,  पैन, कलर्स आदि रख देने चाहिए। जिससे बच्चे के मन मे अपने आप आए कि उसे कुछ लिखना या बनाना है। इस के अलावा अलग अलग भाषाओ languages की वर्णमाला से सम्बंधित किताबे भी देने चाहिए। हो सके तो बच्चो को खेल के माध्यम से अधिक सिखाने की कोशिश करें। यह तो है बच्चो की बात अगर हम पांचवी 5th से लेकर बारहवीं 12th तक के बच्चो की बात करे तो इनके और कारण हो सकते है।




The reason for not taking children's mind to study?
बच्चो का पढ़ाई मे मन ना लगने का कारण?


बहुत से बच्चे ऐसे होते है वह छोटी क्लास मे तो पढ़ने मे होशियार होते है लेकिन जैसे ही वह बड़ी क्लास class मे जाते है तो उनका मन पढ़ाई मे नही लगता। इस के बहुत से कारण होते है। इन कारणो को पहचानना identify  मां-बाप के लिए बहुत जरूरी होता है। तो चलिए इन कारणो के बारे मे बात करते है।

• बच्चे अक्सर घूमने फिरने मे ज्यादा ध्यान देते है। जिस कारण उनका मन पढ़ाई मे नही लगता।

• कुछ बच्चो को अधिक समय तक टीवी T.V और गाने सुनने की आदत होती है जिससे बच्चो की याददाश्त शक्ति पर असर पड़ता है।

• खेल कूद सभी बच्चो के लिए जरूरी होता है लेकिन आवश्यकता से अधिक समय तक खेलने से बच्चे अपनी पढ़ाई को टाईम time नही दे पाते, और वह पढ़ाई मे पीछे रह जाते है।

• बड़ी क्लास मे जाते ही अक्सर बच्चे गलत संगत मे फंस जाते है। वह अधिक खर्च करने, जुआ खेलने, नशा करने आदि जैसी बुरी आदतो bad habits शिकार हो जाते है। यह सब बच्चो का ध्यान पढ़ाई से भटकाता है।

• कई बच्चे ऐसे भी होते है जिन्हे मानसिक परेशानी होती है। मानसिक परेशानी से मतलब जैसे स्कूल मे ही उसे कोई तंग कर रहा होता है या स्कूल school से बाहर भी कोई बच्चे को तंग कर सकता है। ऐसे मे बच्चा अकेला alone रहने लगता। वह अपने मन की बात किसी से भी सांझी share नही करता। कई बार तो बच्चा डिप्रेशन depression शिकार हो जाता है।

यह कुछ मुख्य कारण है जिनके कारण reasons बच्चो का ध्यान पढ़ाई मे नही लगता। मां-बाप को चाहिए अगर इन मे से बच्चे के कोई भी लक्षण दिखाई दे तो बच्चो के साथ बैठकर बात करे। उनसे प्यार से कारण पूछे। धीरे-धीरे से उन्हे इन समस्याओ से बाहर निकाले।

बच्चो को अधिक टीवी देखने ना दे। अगर हो सके तो बच्चो को मोबाइल फोन से बिल्कुल दूर रखें। माता-पिता को महीने मे कम से कम एक बार बच्चो के स्कूल जाकर उनके अध्यापकों से बच्चो के बारे मे पूछना चाहिए। सब से जरूरी बात अगर बच्चा घर मे अकेला रहता है और किसी से कोई बात नही करता तो ऐसे मे बच्चे को कोई मानसिक परेशानी भी हो सकती है। ऐसे मे बच्चे को मनोचिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। तो इस प्रकार बच्चो की पढ़ाई मे आ रही कठिनाई को दूर किया जा सकता है और बच्चो को पढाई के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

Wednesday, May 1, 2019

How to prepare for tour and travel in hindi? यात्रा की तैयारी कैसे करें?

यात्रा सभी के जीवन का बहुत अहम हिस्सा part होती है। इस आर्टिकल से आपको यात्रा से पहले कैसी तैयारी करनी है, इस बात का अंदाजा हो जाएगा । यात्राएं  travelling, बहुत तरह की  होती है। कोई व्यक्ति घूमने फिरने के लिए जाता है तो कोई अपने व्यापार business  सम्बन्ध मे। कई व्यक्ति अपने खेलो की वजह से दूसरे देशो foreign countries मे जाते है। बच्चे तो अक्सर छुट्टियों के दिनो अपने रिश्तेदारो या किसी पर्यटन स्थल पर घूमने के लिए जाते है।

 यह यात्राएं व्यक्ति को आनंदित तो करती ही है साथ मे व्यक्ति के ज्ञान knowledge  मे भी बढ़ोतरी करती है। यात्रा छोटी हो या लम्बी अगर कुछ बातों का ध्यान ना रखा झाए और सावधानियां caution ना बरती जाए तो यह कषट का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी यात्रा  से पहले इसकी पूरी तैयारी करना आवश्यक होता है। मैं आशा करता हू कि इस आर्टिकल से आपको मदद मिलेगी।

How to prepare before traveling?   यात्रा से पहले की तैयारी कैसे करे?


यात्रा से पहले यात्रा संबंधी कुछ बातो का ध्यान रखना अति आवश्यक है। जैसे कोई व्यक्ति व्यापार के सम्बन्ध से यात्रा पर जाना जाता है। अगर वह दूर कही दूसरे राज्य state या देश मे जाना जाता है तो उसे पहले निर्णय करना होता है कि वह ट्रेन से जाए या फिर हवाई जहाज airoplane  से। उसे ट्रेन के समय के बारे मे पहले से ही पता होना चाहिए। अगर वह किसी पास वाले शहर मे जाना चाहता है तो अपनी गाड़ी car का प्रयोग कर सकता है।

अगर वह किसी दूसरे देश मे जाना चाहता है तो इसके लिए उसके पास एक पासपोर्ट passport होना जरूरी है। इसके इलावा उसके पास यात्रा के सभी जरूरी कागजात documents होने चाहिए ताकि दूसरे देश मे जाकर उसे किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े।

How to book tickets of train and airoplane?
ट्रेन और एयरोप्लेन के टिकट कैसे बुक करें?

अगर आप यात्रा के लिए ट्रेन या हवाई जहाज की टिकट खरीदना चाहते है तो इस के लिए बहुत सी आनलाईन साईट  online sites है जिसके द्वारा आप अपनी मर्जी की तिथि date के अनुसार टिकट खरीद सकते है। इसी तरह आप ट्रेन train की आनलाइन टिकट खरीद सकते है। आनलाइन का एक फायदा यह भी है कि आज कल कैशबैक जैसी सुविधाए उपलब्ध होती है।

अगर आपको आनलाइन टिकट खरीदना नही आता तॅ आप  टिकट काउंटर counter से जाकर टिकट खरीद सकते है। आजकल तो बाजार मे बहुत सारे मान्यता affiliated प्राप्त टिकट काउंटर भी खुले हुए है आप वहा से जाकर टिकट खरीद सकते है।

What caution is there during the trip?
यात्रा के दौरान क्या सावधानी बरतें?

1. अगर आप घूमने के लिए जा रहे है तो सबसे पहले अपनी छुटिया देखे। उस हिसाब से यात्रा का SCHEDULE तैयार करे।

2. अगर आप अपनी गाड़ी car मे जा रहे है तो उस गाड़ी की जांच अच्छे से करवा लें।

3. जिस भी जगह घूमने जाना चाहते है वहा के मौसम wheather conditions के बारे मे पता करके ही चले।

4. जरूरी दवाईयां medicines और  कपडे भी साथ मे ले जाए।

5. अगर आप बस या ट्रेन से जा रहे है तो इनके जाने और वापस आने के समय के बारे मे पहले ही पता लगा लें।



Sunday, April 21, 2019

सुलझी हुई बाते | हिंदी कहानी । sulji hoyi batein | Hindi kahani



सुलझी हुई बातें | हिन्दी कहानी | Hindi Kahani


जीवन की कठिनाईयां और जीवन जीने की चाह लोगो को इतना मजबूत कर देती है यह उनकी बातों से भी झलकने लगता है। ऊँचे विचार और सुलझी हुई सोच, यह जरूरी नही कि पढ़े लिखे लोगो के दिमाग मे ही आए। सोच, विचार यह सब जीवन ही सिखाता है। ऐसा मुझे तब महसूस हुआ जब मैंने अपने घर पर  काम कर रहे मजदूर की बातें सुनी।



   बात उन दिनो की है जब हमारे घर मे नया कमरा बनाने के लिए मिस्त्री और मजदूर काम कर रहे थे। रोज के रोज उनका काम पे आना और अपने काम के प्रति उनका लगाव देख के मे बहुत खुश था। उन दिनो गर्मी अपनी पूरी चरम सीमा पर थी। लेकिन फिर भी मिस्त्री और मजदूर अपनी थकावट दूर करने के लिए दो टाईम चाय पिया करते थे। मैं अक्सर उन से बातें करता हुआ मजाक मजाक मे कुछ ना कुछ बोल देता था। वो कभी भी गुस्सा नही करते थे और इतनी गर्मी मे भी अपना स्वभाव ठंडा रखते थे।

 एक दिन बहुत ज्यादा गर्मी थी। एक मजदूर ईंटे उठा रहा था तो मैंने उस से पूछ लिया कि भाई इतनी गर्मी मे तुम लोग काम कैसे कर लेते हो । तो उसने बड़ी ही सादगी से मुझे जबाब दिया कि जैसे सूरज खुद जलकर पूरी दुनिया को रोशनी देता है उसी प्रकार हमे अपने परिवार को पालने के लिए कढ़ी मेहनत की आग मे जलना पड़ता है। यह बात सुनकर मैं एक दम हैरान रह गया ।

     मैंने उसे कहा कि तुम बहुत पढे लिखे लगते हो जो इतनी सुलझी हुई बात कर रहे हो। उसने बताया कि वो सिर्फ दसवीं तक पढ़ा है। यह बात मुझे जीवन भर याद रहेगी। तो दोस्तो कुछ बढि़या बाते सीखने के लिए जरूरी नही कि हम बहुत सारी किताबे पढ़े, हम अपने आस पास काम कर रहे लोगो से भी बहुत कुछ सीख सकते है।



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